🪔 हिंदी आरती पाठ · शिव

मल्लिकार्जुन महादेव की भक्तिमय आरती – हिंदी में पाठ

मल्लिकार्जुन महादेव की भक्तिमय आरती को मोबाइल पर स्पष्ट हिंदी अक्षरों में पढ़ें। पूजा करते समय बोल आसानी से देखने के लिए नीचे पूरा पाठ दिया गया है।

श्रीशैलम में मल्लिकार्जुन शिव मंदिर स्थित है। यह रचना भक्तों के व्यक्तिगत पाठ के लिए है, मंदिर की आधिकारिक आरती नहीं।

पाठ की पहचान: सनातन ज्ञान का स्वरचित भक्तिपाठ — मंदिर की आधिकारिक या पारंपरिक निर्धारित आरती होने का दावा नहीं।

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कब पढ़ें?

इस आरती को इन अवसरों पर श्रद्धालु पढ़ते हैं: ज्योतिर्लिंग · सोमवार · महाशिवरात्रि · सावन। परिवार और स्थानीय परंपरा के अनुसार पूजा की विधि भिन्न हो सकती है।

मल्लिकार्जुन महादेव की भक्तिमय आरती के बोल

जय मल्लिकार्जुन महादेव, श्रीशैल पर्वत धाम। तेरी शरण में आए भक्त, लेकर पावन नाम॥वन की छाया, पथ की शोभा, गाएँ शिव का गुण। प्रभु करुणा का दीप जलाकर, मिटा दो मन का धुआँ॥पार्वती संग शंकर भोले, प्रेम का दो संदेश। मधुर बने हर एक संबंध, दूर रहे द्वेष॥कर्म हमारे शुभ हो जाएँ, वाणी में हो प्यार। सेवा में हो जीवन बीते, यह दो आशीष अपार॥आरती की लौ के संग हम, गाएँ जय-जयकार। जय श्रीशैल के शिव दयालु, स्वीकारो नमस्कार॥

मल्लिकार्जुन महादेव की भक्तिमय आरती ऑनलाइन या ऑफलाइन कैसे पढ़ें?

डिजिटल आरती पुस्तक खोलकर इस आरती को पसंदीदा सूची में जोड़ें। मोबाइल पर A+ से अक्षर बड़े कर सकते हैं। बिना इंटरनेट पढ़ने के लिए ऑनलाइन रहते हुए पूरी पुस्तक को सेव करें और सफल होने की पुष्टि देखें। ऑफलाइन डेटा इसी ब्राउज़र में रहता है और स्टोरेज साफ होने पर मिट सकता है।

मंदिर और क्षेत्र की पृष्ठभूमि: स्थान संबंधी तथ्य देखें।

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