मंत्र संग्रह – डिजिटल मंत्र पाठ पुस्तक
शिव, हनुमान, गणेश, गायत्री, लक्ष्मी, सरस्वती और अन्य देवी-देवताओं के प्रसिद्ध मंत्र हिन्दी/संस्कृत में पढ़ें। मंत्र खोजें, अर्थ जानें और अपनी पसंद के पाठ सेव करें।
ॐ मंत्र
सरल अर्थ: ॐ को प्रणव कहा जाता है और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं में ध्यान तथा प्रार्थना में प्रयोग किया जाता है।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: प्रणव / उपनिषद परंपरा
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
असतो मा सद्गमय
तमसो मा ज्योतिर्गमय ।
मृत्योर्मामृतं गमय ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
सरल अर्थ: मुझे असत्य से सत्य, अंधकार से प्रकाश और मृत्यु से अमृत की ओर ले चलो।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: बृहदारण्यक उपनिषद् 1.3.28
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
आदित्य मंत्र
सरल अर्थ: आदित्य स्वरूप सूर्य को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: सूर्य उपासना का प्रचलित नाम-मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
कृष्ण नाम मंत्र
सरल अर्थ: श्रीकृष्ण को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: प्रचलित नाम-मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
केतु ग्रह मंत्र
सरल अर्थ: नवग्रह परंपरा में केतु को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: नवग्रह नाम-मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
गणेश मूल मंत्र
सरल अर्थ: भगवान गणपति को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: गणपति उपासना में प्रचलित मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
गायत्री मंत्र
तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि ।
धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
सरल अर्थ: हम सविता के वरणीय दिव्य तेज का ध्यान करते हैं; वह हमारी बुद्धि को प्रेरित करे।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: ऋग्वेद 3.62.10; प्रचलित जप-रूप में ॐ भूर्भुवः स्वः आरंभ में जोड़ा जाता है।
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
चंद्र ग्रह मंत्र
सरल अर्थ: नवग्रह परंपरा में चन्द्र को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: नवग्रह नाम-मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
दुर्गा मंत्र
सरल अर्थ: देवी दुर्गा को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: शाक्त परंपरा में प्रचलित बीज-युक्त नाम-मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
नारायण अष्टाक्षरी मंत्र
सरल अर्थ: भगवान नारायण को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: वैष्णव परंपरा; अष्टाक्षरी मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
पंचाक्षरी शिव मंत्र
सरल अर्थ: भगवान शिव को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: शैव परंपरा; प्रचलित नाम-मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
बुध ग्रह मंत्र
सरल अर्थ: नवग्रह परंपरा में बुध को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: नवग्रह नाम-मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
बृहस्पति ग्रह मंत्र
सरल अर्थ: नवग्रह परंपरा में बृहस्पति को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: नवग्रह नाम-मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
मंगल ग्रह मंत्र
सरल अर्थ: नवग्रह परंपरा में मंगल को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: नवग्रह नाम-मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
महामृत्युंजय मंत्र
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
सरल अर्थ: त्रिनेत्रधारी रुद्र की वंदना तथा मृत्यु के बंधन से मुक्त होने की प्रार्थना।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: ऋग्वेद 7.59.12; ॐ सहित प्रचलित जप-रूप।
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
महालक्ष्मी मंत्र
सरल अर्थ: देवी महालक्ष्मी को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: लक्ष्मी उपासना का प्रचलित बीज-युक्त मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
राहु ग्रह मंत्र
सरल अर्थ: नवग्रह परंपरा में राहु को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: नवग्रह नाम-मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
रुद्र नमस्कार मंत्र
सरल अर्थ: भगवान रुद्र को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: प्रचलित रुद्र-नाम मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
वक्रतुण्ड महाकाय
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
सरल अर्थ: हे गणेश, अपने आशीर्वाद से मेरे कार्यों की बाधाएँ दूर करें।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: प्रचलित गणेश प्रार्थना श्लोक
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
वासुदेव द्वादशाक्षरी मंत्र
सरल अर्थ: भगवान वासुदेव को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: वैष्णव परंपरा; द्वादशाक्षरी मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
शनि ग्रह मंत्र
सरल अर्थ: नवग्रह परंपरा में शनि को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: नवग्रह नाम-मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
शिव शम्भो नाम जप
सरल अर्थ: शिव के शम्भु रूप का भक्तिभाव से नाम-स्मरण।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: लोकप्रचलित नाम-स्मरण; वैदिक ऋचा नहीं
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
शुक्र ग्रह मंत्र
सरल अर्थ: नवग्रह परंपरा में शुक्र को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: नवग्रह नाम-मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
श्री राम जय राम
सरल अर्थ: श्रीराम के नाम का भक्तिपूर्वक स्मरण।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: राम-भक्ति की प्रचलित नाम-जप परंपरा
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
श्री सीताराम मंत्र
सरल अर्थ: श्रीसीता और श्रीराम को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: राम-भक्ति की प्रचलित प्रार्थना
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सरस्वती नमस्तुभ्यं
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥
सरल अर्थ: हे सरस्वती, मैं शिक्षा आरम्भ करता/करती हूँ; कृपया सफलता का आशीर्वाद दें।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: लोकप्रचलित विद्यारम्भ प्रार्थना; पाठ-भेद संभव
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
सरस्वती मंत्र
सरल अर्थ: विद्या की देवी सरस्वती को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: सरस्वती उपासना का प्रचलित बीज-युक्त मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
सर्वमंगल मांगल्ये
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
सरल अर्थ: हे मंगलमयी नारायणी, आप सबकी शरण हैं; आपको प्रणाम।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: देवीमाहात्म्य 11.10 (पाठ-भेद संभव)
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सर्वे भवन्तु सुखिनः
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु । मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
सरल अर्थ: सब सुखी हों, स्वस्थ हों और शुभ देखें; कोई दुःख न पाए।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: प्रचलित सार्वभौमिक मंगल प्रार्थना
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
सह नाववतु
सह वीर्यं करवावहै ।
तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
सरल अर्थ: गुरु और शिष्य दोनों की रक्षा, पोषण, संयुक्त अध्ययन और परस्पर सद्भाव की कामना।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: उपनिषदों में प्रचलित शांति पाठ
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
सीता राम नाम जप
सरल अर्थ: सीताराम का प्रेम और श्रद्धा से नाम-स्मरण।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: लोकप्रचलित नाम-स्मरण
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
सूर्य ग्रह मंत्र
सरल अर्थ: नवग्रह परंपरा में सूर्य को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: नवग्रह नाम-मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
सूर्य नमस्कार मंत्र
सरल अर्थ: सूर्यदेव को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: सूर्य उपासना का सरल नाम-मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
स्कन्द मंत्र
सरल अर्थ: भगवान स्कन्द (कार्तिकेय) को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: कार्तिकेय उपासना का प्रचलित नाम-मंत्र
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
हनुमान मूल मंत्र
सरल अर्थ: श्रीहनुमान को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: हनुमान उपासना में प्रचलित
पाठ और उच्चारण में परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है। वैदिक स्वर और विशेष विधि के लिए योग्य शिक्षक से मार्गदर्शन लें।
हनुमान रामदूत मंत्र
सरल अर्थ: श्रीराम के दूत हनुमान जी को नमस्कार।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: प्रचलित हनुमान नाम-मंत्र
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हरे कृष्ण महामंत्र
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे ॥
सरल अर्थ: हरे, कृष्ण और राम नामों के माध्यम से भक्तिपूर्वक स्मरण।
अर्थ, उच्चारण और जानकारी
स्रोत / परंपरा: गौड़ीय वैष्णव परंपरा में प्रचलित
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