एकादशी कब है?
एकादशी कैलेंडर 2026
आज की और आने वाली एकादशी की तारीखें, व्रत के नियम, तिथि आरंभ–समाप्त और पारण की जानकारी — एक ही जगह।
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समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं। यह गणना-आधारित संदर्भ है; विशेष व्रत, महाद्वादशी और पारण का अंतिम निर्णय स्थानीय मान्य पंचांग से करें।
अक्टूबर 2026 का कैलेंडर
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2026 की एकादशी सूची
षट्तिला एकादशी
बुध, 14 जनवरी 2026 · माघ · कृष्ण पक्ष
षट्तिला एकादशी का महत्व
षट्तिला एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, नाम-जप, सात्त्विक आहार और अपनी क्षमता के अनुसार दान का महत्व बताया जाता है। अलग-अलग परंपराओं में व्रत के नियम भिन्न हो सकते हैं।
जया एकादशी
गुरु, 29 जनवरी 2026 · माघ · शुक्ल पक्ष
जया एकादशी का महत्व
जया एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, नाम-जप, सात्त्विक आहार और अपनी क्षमता के अनुसार दान का महत्व बताया जाता है। अलग-अलग परंपराओं में व्रत के नियम भिन्न हो सकते हैं।
विजया एकादशी
शुक्र, 13 फ़रवरी 2026 · फाल्गुन · कृष्ण पक्ष
विजया एकादशी का महत्व
विजया एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, नाम-जप, सात्त्विक आहार और अपनी क्षमता के अनुसार दान का महत्व बताया जाता है। अलग-अलग परंपराओं में व्रत के नियम भिन्न हो सकते हैं।
आमलकी एकादशी
शुक्र, 27 फ़रवरी 2026 · फाल्गुन · शुक्ल पक्ष
आमलकी एकादशी का महत्व
आमलकी एकादशी पर आंवले के वृक्ष की पूजा और विष्णु भक्ति की परंपरा मिलती है।
पापमोचनी एकादशी
रवि, 15 मार्च 2026 · चैत्र · कृष्ण पक्ष
पापमोचनी एकादशी का महत्व
पापमोचनी एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, नाम-जप, सात्त्विक आहार और अपनी क्षमता के अनुसार दान का महत्व बताया जाता है। अलग-अलग परंपराओं में व्रत के नियम भिन्न हो सकते हैं।
कामदा एकादशी
रवि, 29 मार्च 2026 · चैत्र · शुक्ल पक्ष
कामदा एकादशी का महत्व
कामदा एकादशी चैत्र शुक्ल पक्ष में आती है और इसकी लोक-प्रचलित व्रत-कथा में ललित और ललिता का प्रसंग मिलता है।
वरूथिनी एकादशी
सोम, 13 अप्रैल 2026 · वैशाख · कृष्ण पक्ष
वरूथिनी एकादशी का महत्व
वरूथिनी एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, नाम-जप, सात्त्विक आहार और अपनी क्षमता के अनुसार दान का महत्व बताया जाता है। अलग-अलग परंपराओं में व्रत के नियम भिन्न हो सकते हैं।
मोहिनी एकादशी
सोम, 27 अप्रैल 2026 · वैशाख · शुक्ल पक्ष
मोहिनी एकादशी का महत्व
मोहिनी एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, नाम-जप, सात्त्विक आहार और अपनी क्षमता के अनुसार दान का महत्व बताया जाता है। अलग-अलग परंपराओं में व्रत के नियम भिन्न हो सकते हैं।
अपरा एकादशी
बुध, 13 मई 2026 · ज्येष्ठ · कृष्ण पक्ष
अपरा एकादशी का महत्व
अपरा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, नाम-जप, सात्त्विक आहार और अपनी क्षमता के अनुसार दान का महत्व बताया जाता है। अलग-अलग परंपराओं में व्रत के नियम भिन्न हो सकते हैं।
पद्मिनी एकादशी
बुध, 27 मई 2026 · अधिक ज्येष्ठ · शुक्ल पक्ष
उन्मीलिनी महाद्वादशी: स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें
पद्मिनी एकादशी का महत्व
पद्मिनी एकादशी अधिक मास के शुक्ल पक्ष में आती है और पुरुषोत्तम मास की भक्ति परंपरा से जुड़ी है।
परमा एकादशी
गुरु, 11 जून 2026 · अधिक ज्येष्ठ · कृष्ण पक्ष
परमा एकादशी का महत्व
परमा एकादशी अधिक मास के कृष्ण पक्ष में आती है। इसमें विष्णु नाम-स्मरण, पूजा और दान की परंपरा है।
निर्जला एकादशी
गुरु, 25 जून 2026 · ज्येष्ठ · शुक्ल पक्ष
निर्जला एकादशी का महत्व
निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी कहा जाता है। निर्जल व्रत सभी के लिए उपयुक्त नहीं है; स्वास्थ्य के अनुसार निर्णय लें।
योगिनी एकादशी
शुक्र, 10 जुलाई 2026 · आषाढ़ · कृष्ण पक्ष
स्मार्त: 10 जुलाई 2026 · वैष्णव: 11 जुलाई 2026क्षय एकादशी: सूर्योदय पर तिथि नहीं
योगिनी एकादशी का महत्व
योगिनी एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, नाम-जप, सात्त्विक आहार और अपनी क्षमता के अनुसार दान का महत्व बताया जाता है। अलग-अलग परंपराओं में व्रत के नियम भिन्न हो सकते हैं।
देवशयनी एकादशी
शनि, 25 जुलाई 2026 · आषाढ़ · शुक्ल पक्ष
देवशयनी एकादशी का महत्व
देवशयनी एकादशी से चातुर्मास की धार्मिक परंपरा शुरू मानी जाती है।
कामिका एकादशी
रवि, 9 अगस्त 2026 · श्रावण · कृष्ण पक्ष
कामिका एकादशी का महत्व
कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, नाम-जप, सात्त्विक आहार और अपनी क्षमता के अनुसार दान का महत्व बताया जाता है। अलग-अलग परंपराओं में व्रत के नियम भिन्न हो सकते हैं।
श्रावण पुत्रदा एकादशी
रवि, 23 अगस्त 2026 · श्रावण · शुक्ल पक्ष
श्रावण पुत्रदा एकादशी का महत्व
श्रावण पुत्रदा एकादशी श्रावण शुक्ल पक्ष का व्रत है, जिसे परिवार के कल्याण की प्रार्थना से जोड़ा जाता है।
अजा एकादशी
सोम, 7 सितंबर 2026 · भाद्रपद · कृष्ण पक्ष
अजा एकादशी का महत्व
अजा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, नाम-जप, सात्त्विक आहार और अपनी क्षमता के अनुसार दान का महत्व बताया जाता है। अलग-अलग परंपराओं में व्रत के नियम भिन्न हो सकते हैं।
परिवर्तिनी एकादशी
मंगल, 22 सितंबर 2026 · भाद्रपद · शुक्ल पक्ष
परिवर्तिनी एकादशी का महत्व
परिवर्तिनी एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, नाम-जप, सात्त्विक आहार और अपनी क्षमता के अनुसार दान का महत्व बताया जाता है। अलग-अलग परंपराओं में व्रत के नियम भिन्न हो सकते हैं।
इंदिरा एकादशी
मंगल, 6 अक्टूबर 2026 · आश्विन · कृष्ण पक्ष
इंदिरा एकादशी का महत्व
इंदिरा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, नाम-जप, सात्त्विक आहार और अपनी क्षमता के अनुसार दान का महत्व बताया जाता है। अलग-अलग परंपराओं में व्रत के नियम भिन्न हो सकते हैं।
पापांकुशा एकादशी
गुरु, 22 अक्टूबर 2026 · आश्विन · शुक्ल पक्ष
पापांकुशा एकादशी का महत्व
आश्विन शुक्ल पक्ष की पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा, जप और दान का विशेष महत्व माना जाता है।
रमा एकादशी
गुरु, 5 नवंबर 2026 · कार्तिक · कृष्ण पक्ष
रमा एकादशी का महत्व
कार्तिक कृष्ण पक्ष की रमा एकादशी भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना से जुड़ी मानी जाती है।
देवउठनी एकादशी
शुक्र, 20 नवंबर 2026 · कार्तिक · शुक्ल पक्ष
स्मार्त: 20 नवंबर 2026 · वैष्णव: 21 नवंबर 2026क्षय एकादशी: सूर्योदय पर तिथि नहीं
देवउठनी एकादशी का महत्व
देवउठनी या प्रबोधिनी एकादशी पर भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागरण की परंपरा है। कई स्थानों पर तुलसी विवाह भी इसी अवधि में होता है।
उत्पन्ना एकादशी
शुक्र, 4 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष · कृष्ण पक्ष
उत्पन्ना एकादशी का महत्व
उत्पन्ना एकादशी की परंपरागत व्रत-कथा में एकादशी देवी की उत्पत्ति का उल्लेख आता है।
मोक्षदा एकादशी
रवि, 20 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष · शुक्ल पक्ष
मोक्षदा एकादशी का महत्व
मोक्षदा एकादशी को गीता जयंती से भी जोड़ा जाता है। इस दिन श्रीमद्भगवद्गीता के पाठ की परंपरा है।
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एकादशी व्रत कैसे करें?
दशमी को तैयारी
दशमी की शाम सात्त्विक भोजन लें। अपनी स्वास्थ्य-स्थिति और परिवार की परंपरा के अनुसार उपवास तय करें।
एकादशी को पूजन
प्रातः स्नान करके भगवान विष्णु का ध्यान करें। दीप, पुष्प, तुलसीदल (परंपरा अनुसार), मंत्र-जप और धर्मग्रंथ पाठ कर सकते हैं।
व्रत में भोजन
कई परंपराओं में एकादशी पर अनाज से परहेज़ और फलाहार किया जाता है। निर्जल उपवास आवश्यक नहीं; स्वास्थ्य पहले रखें।
द्वादशी को पारण
अगले दिन सूर्योदय, हरिवासर और द्वादशी तिथि को ध्यान में रखकर पारण किया जाता है। समय स्थान एवं व्रत-परंपरा से बदल सकता है।
एकादशी व्रत कथा और धार्मिक महत्व
एकादशी हिंदू पंचांग की ग्यारहवीं तिथि है। सामान्यतः हर चंद्र मास में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में एक-एक एकादशी आती है। भगवान विष्णु की उपासना और आत्मसंयम से यह व्रत विशेष रूप से जुड़ा माना जाता है।
लोक-प्रचलित धार्मिक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु के विश्राम के समय मुर नामक असुर का सामना करने वाली दिव्य शक्ति को 'एकादशी' कहा गया। विभिन्न एकादशियों की अलग-अलग पौराणिक व्रत कथाएँ भी प्रचलित हैं। उनके स्वरूप में क्षेत्र, ग्रंथ और परंपरा के अनुसार भिन्नता हो सकती है।
मंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। आप इसे अपने दैनिक जप और प्रार्थना में शामिल कर सकते हैं।
एकादशी से जुड़े सवाल
अगली एकादशी कब है?
ऊपर अगली एकादशी के कार्ड में चयनित शहर और स्मार्त/वैष्णव परंपरा के अनुसार आने वाले व्रत की तारीख दिखती है।
2026 में एकादशी कितनी बार आएगी?
आमतौर पर वर्ष में 24 एकादशियाँ आती हैं; अधिक मास होने पर 26 भी हो सकती हैं। वर्ष और नगर चुनकर उपलब्ध व्रत सूची देखें।
एकादशी की तिथि और व्रत की तारीख अलग क्यों होती है?
हिंदू पंचांग में तिथि सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से तय होती है; व्रत के लिए सूर्योदय और विशिष्ट धार्मिक नियम भी महत्त्वपूर्ण होते हैं।
स्मार्त और वैष्णव एकादशी में क्या अंतर है?
कभी-कभी संप्रदायगत नियमों, अरुणोदय या महाद्वादशी के कारण स्मार्त और वैष्णव व्रत अलग दिन मनाए जाते हैं।
एकादशी व्रत पारण कब करें?
सामान्यतः द्वादशी पर सूर्योदय के बाद, हरिवासर समाप्त होने पर और निर्धारित अवधि के भीतर पारण किया जाता है। कुछ दिनों में विशेष नियम लागू होते हैं।
क्या एकादशी पर चावल खाना चाहिए?
कई उपवास परंपराओं में चावल सहित अनाज का सेवन वर्जित माना जाता है। घर की परंपरा और स्वास्थ्य संबंधी ज़रूरतें ध्यान में रखें।
क्या यह कैलेंडर भारत के हर शहर के लिए है?
अभी 25 चुनिंदा भारतीय शहर उपलब्ध हैं और सभी समय भारतीय मानक समय में दिए जाते हैं। दूसरे स्थान के लिए स्थानीय पंचांग देखें।
क्या इस पेज को फ़ोन पर सेव कर सकते हैं?
हाँ। शेयर, कैलेंडर में सेव, बुकमार्क तथा होम स्क्रीन शॉर्टकट के विकल्प मौजूद हैं। होम स्क्रीन जोड़ने का तरीका आपके ब्राउज़र के अनुसार अलग हो सकता है।
