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आज का राहु काल (Rahu Kaal Today)
भारत एवं विदेश के प्रमुख शहरों में आज, कल या चुनी हुई तारीख का राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल जानें।
समय प्राप्त किया जा रहा है…
राहु काल का समय
परंपरागत मान्यता के अनुसार नए शुभ कार्यों की शुरुआत में इस अवधि से बचते हैं।
अगले 7 दिनों का राहु काल
चुने हुए शहर और तारीख से अगले सात दिनों का समय
| दिन / तारीख | राहु काल |
|---|---|
| समय लोड हो रहा है… | |
राहु काल क्या है?
हिंदू पंचांग और ज्योतिष की परंपरा में राहु काल दिन की एक निश्चित अवधि को कहा जाता है। प्रचलित मान्यता के अनुसार इस समय नए शुभ कार्य शुरू करने से बचा जाता है। यह धार्मिक-परंपरागत जानकारी है, वैज्ञानिक रूप से सिद्ध जोखिम की भविष्यवाणी नहीं।
राहु काल की गणना कैसे होती है?
स्थानीय सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटते हैं। सप्ताह के हर दिन राहु काल के लिए अलग भाग तय है। इसीलिए शहर, तारीख और मौसम के अनुसार राहु काल का समय बदलता है। इस टूल में चुने हुए शहर के स्थानीय समय-क्षेत्र और खगोलीय सूर्योदय एवं सूर्यास्त का अनुमान उपयोग किया गया है; स्थानीय पंचांग से कुछ मिनटों का अंतर संभव है।
सोमवार से रविवार तक राहु काल का सामान्य समय
नीचे दिया समय केवल सुबह 6:00 सूर्योदय और शाम 6:00 सूर्यास्त का उदाहरण है; इसे हर शहर के लिए निश्चित समय न मानें।
| दिन | सामान्य राहु काल |
|---|---|
| सोमवार | 7:30 AM – 9:00 AM |
| मंगलवार | 3:00 PM – 4:30 PM |
| बुधवार | 12:00 PM – 1:30 PM |
| गुरुवार | 1:30 PM – 3:00 PM |
| शुक्रवार | 10:30 AM – 12:00 PM |
| शनिवार | 9:00 AM – 10:30 AM |
| रविवार | 4:30 PM – 6:00 PM |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
आज का राहु काल कितने बजे है?
ऊपर शहर चुनने पर आज के स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर समय दिखता है।
क्या राहु काल हर शहर में एक समान है?
नहीं। सूर्योदय और सूर्यास्त स्थान के अनुसार अलग होते हैं, इसलिए राहु काल भी बदलता है।
क्या राहु काल में पहले से चल रहा काम रोक देना चाहिए?
सामान्य धार्मिक परंपरा में सावधानी मुख्यतः नए शुभ कार्य शुरू करने के संबंध में बताई जाती है; पहले से चल रहे कार्यों के लिए परिवार व परंपरा की मान्यता अलग हो सकती है।
क्या यह टूल बिना किसी पेड API के काम करता है?
हाँ। यह WordPress सर्वर पर गणना करता है और किसी बाहरी भुगतान सेवा का उपयोग नहीं करता।
यमगण्ड और गुलिक काल क्या हैं?
ये भी पंचांग परंपरा में दिन के आठ हिस्सों के आधार पर निर्धारित अन्य अवधियाँ हैं।
