🪔 हिंदी आरती पाठ · शिव

काशी विश्वनाथ की भक्तिमय आरती – हिंदी में पाठ

काशी विश्वनाथ की भक्तिमय आरती को मोबाइल पर स्पष्ट हिंदी अक्षरों में पढ़ें। पूजा करते समय बोल आसानी से देखने के लिए नीचे पूरा पाठ दिया गया है।

वाराणसी के विश्वनाथ मंदिर में अलग-अलग समय की वास्तविक मंदिर आरतियाँ होती हैं। यह पाठ घर पर पढ़ने के लिए रचित अलग भक्तिपाठ है।

पाठ की पहचान: सनातन ज्ञान का स्वरचित भक्तिपाठ — मंदिर की आधिकारिक या पारंपरिक निर्धारित आरती होने का दावा नहीं।

📖 डिजिटल पुस्तक में पढ़ें · बड़े अक्षर और ऑफलाइन सुविधा →

कब पढ़ें?

इस आरती को इन अवसरों पर श्रद्धालु पढ़ते हैं: ज्योतिर्लिंग · सोमवार · महाशिवरात्रि · सावन। परिवार और स्थानीय परंपरा के अनुसार पूजा की विधि भिन्न हो सकती है।

काशी विश्वनाथ की भक्तिमय आरती के बोल

जय काशी के विश्वनाथ, जय गंगाधर श्याम। विश्वेश्वर के चरणों में, है हमारा प्रणाम॥गंगा तट पर दीपक जलते, गूँजे पावन नाम। गलियों में हर हर महादेव, कण-कण शिव का धाम॥भस्म-विभूषित भोले शंकर, नंदी संग विराज। तेरे दर्शन की अभिलाषा, जीवन का है साज॥सत्य वचन और दया सिखाओ, मिटे मन का अंधकार। काशीपति हे विश्वेश्वर, देना शुभ विचार॥आरती का दीप समर्पित, तन-मन हो निष्काम। जय काशी के विश्वनाथ, जय गंगाधर श्याम॥

काशी विश्वनाथ की भक्तिमय आरती ऑनलाइन या ऑफलाइन कैसे पढ़ें?

डिजिटल आरती पुस्तक खोलकर इस आरती को पसंदीदा सूची में जोड़ें। मोबाइल पर A+ से अक्षर बड़े कर सकते हैं। बिना इंटरनेट पढ़ने के लिए ऑनलाइन रहते हुए पूरी पुस्तक को सेव करें और सफल होने की पुष्टि देखें। ऑफलाइन डेटा इसी ब्राउज़र में रहता है और स्टोरेज साफ होने पर मिट सकता है।

मंदिर और क्षेत्र की पृष्ठभूमि: स्थान संबंधी तथ्य देखें।

← सभी आरतियाँ और अवसर देखें

Scroll to Top