🪔 हिंदी आरती पाठ · शिव

त्र्यंबकेश्वर महादेव की भक्तिमय आरती – हिंदी में पाठ

त्र्यंबकेश्वर महादेव की भक्तिमय आरती को मोबाइल पर स्पष्ट हिंदी अक्षरों में पढ़ें। पूजा करते समय बोल आसानी से देखने के लिए नीचे पूरा पाठ दिया गया है।

त्र्यंबकेश्वर नासिक क्षेत्र का शिव तीर्थ है, जो गोदावरी के उद्गम-क्षेत्र से जुड़ा माना जाता है।

पाठ की पहचान: सनातन ज्ञान का स्वरचित भक्तिपाठ — मंदिर की आधिकारिक या पारंपरिक निर्धारित आरती होने का दावा नहीं।

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कब पढ़ें?

इस आरती को इन अवसरों पर श्रद्धालु पढ़ते हैं: ज्योतिर्लिंग · सोमवार · महाशिवरात्रि · सावन। परिवार और स्थानीय परंपरा के अनुसार पूजा की विधि भिन्न हो सकती है।

त्र्यंबकेश्वर महादेव की भक्तिमय आरती के बोल

जय त्र्यंबकेश्वर त्रिनेत्रधारी, पर्वत के भगवान। गोदावरी की पावन स्मृति, बने सदा कल्याण॥ब्रह्मगिरि की गोद से उठता, जय शिव का मधुर गान। मन के भीतर धीरज भर दो, मिट जाए अभिमान॥तीन नेत्र के ज्योति-पुंज से, तम का हो संहार। न्याय, दया और सत्य सिखाओ, यही सरल उपहार॥जल और फूलों की सुगंध में, नित्य करो निवास। साँस-साँस में शिव-शिव बोले, भक्तों की अरदास॥दीपक की लौ साथ कहे यह, दया करो सरकार। जय त्र्यंबकेश्वर शंकर बाबा, चरणों में नमस्कार॥

त्र्यंबकेश्वर महादेव की भक्तिमय आरती ऑनलाइन या ऑफलाइन कैसे पढ़ें?

डिजिटल आरती पुस्तक खोलकर इस आरती को पसंदीदा सूची में जोड़ें। मोबाइल पर A+ से अक्षर बड़े कर सकते हैं। बिना इंटरनेट पढ़ने के लिए ऑनलाइन रहते हुए पूरी पुस्तक को सेव करें और सफल होने की पुष्टि देखें। ऑफलाइन डेटा इसी ब्राउज़र में रहता है और स्टोरेज साफ होने पर मिट सकता है।

मंदिर और क्षेत्र की पृष्ठभूमि: स्थान संबंधी तथ्य देखें।

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