🪔 हिंदी आरती पाठ · गणेश

श्री गणेश जी की आरती – हिंदी में पाठ

श्री गणेश जी की आरती को मोबाइल पर स्पष्ट हिंदी अक्षरों में पढ़ें। पूजा करते समय बोल आसानी से देखने के लिए नीचे पूरा पाठ दिया गया है।

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कब पढ़ें?

इस आरती को इन अवसरों पर श्रद्धालु पढ़ते हैं: दैनिक पूजा · गणेश चतुर्थी · बुधवार। परिवार और स्थानीय परंपरा के अनुसार पूजा की विधि भिन्न हो सकती है।

श्री गणेश जी की आरती के बोल

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥एकदंत दयावंत, चार भुजाधारी। माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥ जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा। लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥ जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया। बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥ जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।दीनन की लाज राखो, शंभु सुतवारी। कामना को पूर्ण करो, जाऊँ बलिहारी॥ जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥

श्री गणेश जी की आरती ऑनलाइन या ऑफलाइन कैसे पढ़ें?

डिजिटल आरती पुस्तक खोलकर इस आरती को पसंदीदा सूची में जोड़ें। मोबाइल पर A+ से अक्षर बड़े कर सकते हैं। बिना इंटरनेट पढ़ने के लिए ऑनलाइन रहते हुए पूरी पुस्तक को सेव करें और सफल होने की पुष्टि देखें। ऑफलाइन डेटा इसी ब्राउज़र में रहता है और स्टोरेज साफ होने पर मिट सकता है।

अधिक जानकारी: इस आरती का महत्व और पूजा से जुड़ी जानकारी।

पाठ संदर्भ: आरती पाठ का संदर्भ देखें। परंपरागत पाठ में क्षेत्रीय अंतर संभव हैं।

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