ॐ

श्री हनुमते नमः

हनुमान चालीसा हिंदी में — अर्थ सहित पाठ

संपूर्ण पाठ पढ़ें, भावार्थ समझें और अपनी गति से स्मरण करें।

॥ जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ॥
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आरंभिक दोहे1 / 43
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श्री हनुमान चालीसा: पाठ, भाषा और भाव

हनुमान चालीसा हिंदी में पढ़ने वाले भक्तों के लिए यह पृष्ठ मूल देवनागरी पाठ, रोमन लिपि और सरल भावार्थ एक साथ प्रस्तुत करता है। गोस्वामी तुलसीदास से संबद्ध यह रचना अवधी में है। “चालीसा” का संबंध इसकी चालीस चौपाइयों से है; इनके पहले दो दोहे और अंत में एक दोहा पढ़ा जाता है। यहाँ कुल 43 पद अलग-अलग पढ़े जा सकते हैं और नीचे पूरा पाठ भी उपलब्ध है।

इस स्तुति में हनुमान जी के बल के साथ ज्ञान, विनम्रता, विवेक और सेवा का वर्णन मिलता है। रामदूत के रूप में उनका परिचय, सीता जी से भेंट, समुद्र पार करना और लक्ष्मण के लिए संजीवनी लाना जैसे प्रसंग भक्तिभाव को आकार देते हैं। पाठ का उद्देश्य केवल जल्दी समाप्त करना नहीं; किसी एक पंक्ति पर ठहरकर उसका भाव समझना भी उपयोगी है।

हनुमान चालीसा पढ़ने की विधि

  1. अपने लिए सुविधाजनक, शांत स्थान और समय चुनें। बैठने की मुद्रा आरामदेह रखें और मोबाइल की अनावश्यक सूचनाएँ बंद कर लें। किसी विशेष सामग्री का होना इस ऑनलाइन पाठ की शर्त नहीं है।
  2. पहले दोनों आरंभिक दोहे पढ़ें। उनमें मन को निर्मल करने और बल, बुद्धि, विद्या की प्रार्थना है। इसके बाद चौपाई 1 से 40 तक क्रम से जाएँ और समापन दोहा पढ़ें।
  3. जल्दी करने के बजाय स्पष्ट उच्चारण और सहज साँस पर ध्यान दें। कठिन शब्द पर रुकें, रोमन लिपि देखें और अर्थ पढ़ें। रोमन लिखावट उच्चारण का सहारा है; वह मूल पाठ या अनुवाद का स्थान नहीं लेती।
  4. पाठ पूरा होने पर थोड़ी देर शांत बैठकर सेवा, साहस या सद्बुद्धि से जुड़ी किसी बात पर विचार करें। चाहें तो काउंटर में एक पाठ जोड़ें। अपनी क्षमता के अनुसार नियमितता रखें।

इस पाठक के विकल्प कैसे इस्तेमाल करें?

“हिन्दी” या “रोमन लिपि” से अक्षर चुनें। “अ−” और “अ+” अक्षरों का आकार बदलते हैं। “हिंदी अर्थ” से वर्तमान पद का भावार्थ दिखाएँ या छिपाएँ। “पिछला” और “अगला” क्रम से आगे बढ़ाते हैं; सीधे जाने वाले विकल्प चुने हुए चौपाई समूह की पहली चौपाई खोलते हैं। गहरे रंग का विकल्प रात में पढ़ने के लिए है।

“यह पद सुनें” केवल वर्तमान पद को उपकरण की उपलब्ध हिंदी आवाज़ में पढ़ता है। यह संगीतयुक्त हनुमान चालीसा ऑडियो या प्रमाणित उच्चारण वाली रिकॉर्डिंग नहीं है। सुनते समय मूल अक्षरों से मिलान करें। गिनती और पढ़ने की जगह ब्राउज़र में रहती है; निजी मोड या डेटा मिटाने पर बची हुई जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकती।

अर्थ समझकर पाठ: कुछ मुख्य शब्द

“कुमति” गलत सोच और “सुमति” सही विवेक की ओर संकेत करते हैं। “राम काज” में सेवा और जिम्मेदारी का भाव है। “राम रसायन” को रामभक्ति के रूपक के रूप में समझा जा सकता है। आरंभिक दोहे का “फल चारि” जीवन के चार पुरुषार्थों—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष—से जुड़ा है। शब्दों को उनके भक्तिकाव्य के संदर्भ में पढ़ने से अर्थ अधिक स्पष्ट होता है।

हर पद का सरल हिंदी अर्थ नीचे दिया गया है। प्रसंगों में जहाँ शक्ति का वर्णन है, वहाँ उसका संबंध सेवा से भी जुड़ा है। उदाहरण के लिए “बिद्यावान गुनी अति चातुर” के बाद “राम काज करिबे को आतुर” आता है: योग्यता का उपयोग दूसरों की सहायता में करने का विचार यहाँ प्रमुख है। इन भावार्थों को अध्ययन का आरंभ मानें; विस्तृत व्याख्या के लिए अपनी परंपरा के विश्वसनीय ग्रंथ या शिक्षक की सहायता लें।

हनुमान चालीसा पढ़ने के लाभ: श्रद्धा और दैनिक अभ्यास

भक्तों के लिए हनुमान चालीसा पाठ पूजा, स्मरण और सांत्वना का माध्यम है। एक नियमित शांत समय, परिचित पंक्तियाँ और अर्थ पर ध्यान कुछ लोगों को अपनी दिनचर्या व्यवस्थित करने और मन को संभालने में सहायक लग सकते हैं। अनुभव हर व्यक्ति का अलग होता है; इसे मापा हुआ चिकित्सकीय परिणाम या सभी के लिए निश्चित लाभ न समझें।

चालीसा की सेवा, विनम्रता और साहस की सीख दैनिक व्यवहार में अपनाई जा सकती है—जैसे कठिन काम में धैर्य रखना, किसी की मदद करना और निर्णय लेते समय विवेक का उपयोग करना। धार्मिक पंक्तियों में संकट, रोग और पीड़ा दूर होने की प्रार्थना आती है। यह आस्था की भाषा है; बीमारी में उपचार जारी रखें और व्यावहारिक कठिनाइयों के लिए उचित सहायता लें। पाठ से धन, परीक्षा में सफलता या किसी समस्या के निश्चित समाधान का वादा नहीं किया जा सकता।

पाठ कब करें? मंगलवार, शनिवार और नियमितता

कई भक्त मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की उपासना करते हैं। पारिवारिक और स्थानीय परंपराएँ अलग हो सकती हैं। अपनी श्रद्धा के अनुसार सुबह, शाम या किसी सुविधाजनक समय पर पाठ किया जा सकता है। इस पाठक में किसी दिन, निश्चित समय या निश्चित संख्या को अनिवार्य नहीं बनाया गया है।

एक बार ध्यान से पढ़ना नए पाठक के लिए अच्छा आरंभ हो सकता है। अधिक पाठ का संकल्प लें तो स्वास्थ्य, समय और जिम्मेदारियों का ध्यान रखें। काउंटर आपकी अपनी गिनती रखने का साधन है; वह पूजा की गुणवत्ता, आध्यात्मिक उपलब्धि या किसी फल का प्रमाण नहीं है।

हनुमान चालीसा का संपूर्ण पाठ और सरल हिंदी अर्थ

नीचे दोनों आरंभिक दोहे, सभी 40 चौपाइयाँ और समापन दोहा पारंपरिक क्रम में हैं। भावार्थ मूल अवधी शब्दों को समझने में सहायता के लिए हैं; अलग परंपराओं में वर्तनी और व्याख्या में छोटे अंतर मिल सकते हैं।

आरंभिक दोहा 1

श्रीगुरु चरन सरोज रज। निज मनु मुकुरु सुधारि॥
बरनउँ रघुबर बिमल जसु। जो दायकु फल चारि॥

सरल अर्थ: गुरु के चरणों की धूल से मन रूपी दर्पण को निर्मल करके कवि श्रीराम के पवित्र यश का वर्णन करते हैं। चार फल से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का संकेत है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Shri guru charan saroj raj, nij manu mukuru sudhari; baranau Raghubar bimal jasu, jo dayaku phal chari.

With the dust of my Guru’s lotus feet, I cleanse the mirror of my mind and describe the pure glory of Rama, which bestows the four aims of life.

आरंभिक दोहा 2

बुद्धिहीन तनु जानिके। सुमिरौं पवन-कुमार॥
बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं। हरहु कलेस बिकार॥

सरल अर्थ: अपनी समझ की सीमा स्वीकार करके कवि पवनपुत्र से बल, बुद्धि और विद्या माँगते हैं तथा दुख और विकार दूर करने की प्रार्थना करते हैं।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Buddhiheen tanu janike, sumirau Pavan Kumar; bal buddhi bidya dehu mohi, harahu kales bikar.

Knowing my limited understanding, I remember Hanuman and ask for strength, wisdom, knowledge, and freedom from suffering.

चौपाई 1

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर।

सरल अर्थ: हनुमान जी ज्ञान और सद्गुणों के सागर हैं। कपियों के स्वामी के रूप में उनका यश तीनों लोकों में प्रकाशित है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Jai Hanuman gyan gun sagar, jai Kapis tihun lok ujagar.

Victory to Hanuman, ocean of wisdom and virtue, whose glory shines across the three worlds.

चौपाई 2

राम दूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।

सरल अर्थ: हनुमान जी श्रीराम के दूत और अतुल बल के धाम हैं। वे अंजनीपुत्र और पवनसुत नाम से जाने जाते हैं।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Ram doot atulit bal dhama, Anjani putra Pavansut nama.

Messenger of Rama, abode of immeasurable strength, known as Anjani’s son and son of the wind.

चौपाई 3

महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी।

सरल अर्थ: वीर बजरंगबली गलत विचारों को दूर करने वाले और अच्छी बुद्धि के सहायक हैं। यहाँ बल के साथ विवेक का महत्व भी बताया गया है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Mahabir bikram Bajrangi, kumati nivar sumati ke sangi.

Mighty and courageous Bajrangi, remover of wrong thinking and companion of good judgment.

चौपाई 4

कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुंडल कुंचित केसा।

सरल अर्थ: उनके स्वर्ण जैसे शरीर, सुंदर वेश, कानों के कुंडल और घुँघराले केशों का वर्णन है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Kanchan baran biraj subesa, kanan kundal kunchit kesa.

Golden-hued, beautifully adorned, with earrings and curly hair.

चौपाई 5

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
काँधे मूँज जनेऊ साजै।

सरल अर्थ: उनके हाथ में वज्र और ध्वजा सुशोभित हैं तथा कंधे पर मूँज का जनेऊ है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Hath bajra au dhwaja birajai, kandhe moonj janeu sajai.

He holds the thunderbolt and banner, and wears the sacred thread across his shoulder.

चौपाई 6

संकर सुवन केसरीनंदन।
तेज प्रताप महा जग बंदन।

सरल अर्थ: शंकर से संबद्ध और केसरी के पुत्र हनुमान जी अपने तेज और प्रताप के कारण जगत में वंदनीय हैं।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Sankar suvan Kesarinandan, tej pratap maha jag bandan.

Associated with Shiva and son of Kesari, revered throughout the world for his radiance and valor.

चौपाई 7

बिद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर।

सरल अर्थ: वे विद्या, गुण और चतुराई से संपन्न हैं और श्रीराम का कार्य करने के लिए सदा उत्सुक रहते हैं।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Bidyavan guni ati chatur, Ram kaj karibe ko atur.

Learned, virtuous and clever, always eager to serve Rama.

चौपाई 8

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया।

सरल अर्थ: उन्हें प्रभु का चरित्र सुनने में आनंद मिलता है। राम, लक्ष्मण और सीता उनके मन में निवास करते हैं।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Prabhu charitra sunibe ko rasiya, Ram Lakhan Sita man basiya.

He delights in hearing Rama’s deeds; Rama, Lakshmana and Sita dwell in his heart.

चौपाई 9

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
बिकट रूप धरि लंक जरावा।

सरल अर्थ: सीता जी के सामने उन्होंने छोटा रूप धारण किया और लंका दहन के लिए विकराल रूप लिया। अलग परिस्थितियों में उचित व्यवहार का संकेत मिलता है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Sukshma roop dhari Siyahi dikhava, bikat roop dhari Lanka jarava.

He appeared in a subtle form before Sita and a formidable form to burn Lanka.

चौपाई 10

भीम रूप धरि असुर सँहारे।
रामचंद्र के काज सँवारे।

सरल अर्थ: उन्होंने विशाल रूप से असुरों का संहार किया और रामचंद्र जी के कार्य पूरे किए।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Bhim roop dhari asur sanhare, Ramchandra ke kaj sanvare.

He defeated demons in a mighty form and fulfilled Rama’s tasks.

चौपाई 11

लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।

सरल अर्थ: संजीवनी लाकर उन्होंने लक्ष्मण के प्राण बचाए। प्रसन्न श्रीराम ने उन्हें हृदय से लगाया।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Laye Sanjivan Lakhan jiyaye, Shri Raghubir harashi ur laye.

He brought the life-restoring herb for Lakshmana; Rama embraced him with joy.

चौपाई 12

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।

सरल अर्थ: श्रीराम ने उनकी बहुत प्रशंसा की और उन्हें भरत के समान प्रिय भाई कहा।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Raghupati kinhi bahut badai, tum mam priya Bharatahi sam bhai.

Rama praised Hanuman and called him as dear as his brother Bharata.

चौपाई 13

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।

सरल अर्थ: श्रीराम कहते हैं कि हजार मुख भी हनुमान जी का यश गाते हैं और यह कहकर उन्हें गले लगाते हैं।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Sahas badan tumharo jas gavai, as kahi Shripati kanth lagavai.

Rama said that a thousand mouths sing Hanuman’s glory and embraced him.

चौपाई 14

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा।

सरल अर्थ: सनक आदि ऋषि, ब्रह्मा, नारद, सरस्वती और शेषनाग जैसे पूजनीय व्यक्तित्वों का उल्लेख उनकी महिमा के संदर्भ में है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Sanakadik Brahmadi munisa, Narad Sarad sahit Ahisa.

Sages, Brahma, Narada, Saraswati and Shesha praise him.

चौपाई 15

जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते।
कबि कोबिद कहि सके कहाँ ते।

सरल अर्थ: यम, कुबेर, दिशाओं के रक्षक और विद्वान कवि भी उनकी महिमा का पूरा वर्णन नहीं कर सकते।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Jam Kuber digpal jahan te, kabi kobid kahi sake kahan te.

Even Yama, Kubera, guardians of the directions and learned poets cannot fully describe his glory.

चौपाई 16

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा।

सरल अर्थ: उन्होंने सुग्रीव का उपकार किया, श्रीराम से मिलवाया और राज्य प्राप्त करने में सहायता की।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Tum upkar Sugrivahi kinha, Ram milay raj pad dinha.

He helped Sugriva meet Rama and regain his kingdom.

चौपाई 17

तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
लंकेस्वर भए सब जग जाना।

सरल अर्थ: विभीषण ने उनकी सलाह मानी और लंका के राजा बने। चौपाई उचित मार्गदर्शन की भूमिका दिखाती है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Tumharo mantra Vibhishan mana, Lankeshwar bhaye sab jag jana.

Vibhishana followed his advice and became king of Lanka.

चौपाई 18

जुग सहस्र जोजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।

सरल अर्थ: बाल्यकाल की कथा में हनुमान जी दूर स्थित सूर्य को मीठा फल समझकर उसकी ओर बढ़ते हैं। यह काव्यात्मक कथन है, वैज्ञानिक दूरी का माप नहीं।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Jug sahasra jojan par bhanu, lilyo tahi madhur phal janu.

As a child he reached toward the sun, thinking it a sweet fruit.

चौपाई 19

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं।

सरल अर्थ: श्रीराम की मुद्रिका मुख में रखकर उन्होंने समुद्र पार किया। उनकी सामर्थ्य और रामकार्य के प्रति समर्पण का वर्णन है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Prabhu mudrika meli mukh mahin, jaladhi langhi gaye acharaj nahin.

With Rama’s ring, he crossed the ocean, a feat unsurprising for him.

चौपाई 20

दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।

सरल अर्थ: भक्त की भावना है कि हनुमान जी की कृपा से कठिन कार्य सरल हो जाते हैं। इसे श्रद्धा की अभिव्यक्ति समझें।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Durgam kaj jagat ke jete, sugam anugrah tumhare tete.

By his grace, difficult tasks become easier.

चौपाई 21

राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।

सरल अर्थ: हनुमान जी श्रीराम के द्वार के रक्षक हैं। उनकी अनुमति के बिना प्रवेश नहीं होता, ऐसा भक्तिकाव्य का भाव है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Ram duare tum rakhvare, hot na agya binu paisare.

He stands as guardian at Rama’s door; none enters without permission.

चौपाई 22

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रच्छक काहू को डर ना।

सरल अर्थ: भक्त उनकी शरण में सुख और संरक्षण अनुभव करने की प्रार्थना करता है। यह निर्भयता और विश्वास का भाव है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Sab sukh lahai tumhari sarna, tum rachchhak kahu ko dar na.

Those seeking his refuge find comfort and protection from fear.

चौपाई 23

आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हाँक तें काँपै।

सरल अर्थ: अपने तेज को वे स्वयं ही सँभाल सकते हैं। उनके गर्जन से तीनों लोक काँपने का वर्णन उनकी शक्ति को व्यक्त करता है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Aapan tej samharau aapai, tino lok hank te kanpai.

Only he can contain his power; the three worlds tremble at his roar.

चौपाई 24

भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।

सरल अर्थ: हनुमान जी के नाम से भूत-पिशाच दूर रहने की बात धार्मिक विश्वास के रूप में कही गई है। यह किसी घटना का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Bhoot pisach nikat nahin avai, Mahabir jab nam sunavai.

Tradition holds that invoking mighty Hanuman wards off harmful forces.

चौपाई 25

नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा।

सरल अर्थ: निरंतर हनुमान स्मरण से रोग और पीड़ा दूर होने का भक्तिभाव व्यक्त है। इसे उपचार का दावा या चिकित्सा का विकल्प न मानें।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Nasai rog harai sab peera, japat nirantar Hanumat beera.

The hymn expresses faith that remembrance of Hanuman relieves suffering.

चौपाई 26

संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।

सरल अर्थ: मन, कर्म और वचन से हनुमान जी का ध्यान करने वाले भक्त के संकट दूर होने की प्रार्थना है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Sankat ten Hanuman chhudavai, man kram bachan dhyan jo lavai.

Hanuman helps those who remember him in thought, word and deed through difficulties.

चौपाई 27

सब पर राम तपस्वी राजा।
तिन के काज सकल तुम साजा।

सरल अर्थ: तपस्वी राजा श्रीराम के सभी कार्य हनुमान जी ने सँवारे। इसमें सेवा और निष्ठा की प्रशंसा है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Sab par Ram tapasvi raja, tin ke kaj sakal tum saja.

Rama is supreme among ascetics; Hanuman accomplished all his work.

चौपाई 28

और मनोरथ जो कोई लावै।
सोइ अमित जीवन फल पावै।

सरल अर्थ: भक्त अपनी इच्छाएँ लेकर आता है और जीवन में प्रचुर फल की आशा करता है। यह आस्था का कथन है, निश्चित परिणाम का वादा नहीं।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Aur manorath jo koi lavai, soi amit jivan phal pavai.

The hymn promises abundant blessings to those who bring their heartfelt wishes.

चौपाई 29

चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा।

सरल अर्थ: चारों युगों में उनके प्रताप और प्रसिद्धि का वर्णन है। उनका यश संसार को प्रकाशित करता है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Charon jug partap tumhara, hai parsiddh jagat ujiyara.

His glory is renowned through all four ages and illuminates the world.

चौपाई 30

साधु संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे।

सरल अर्थ: वे साधु-संतों के रक्षक, असुरों के संहारक और श्रीराम के प्रिय हैं।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Sadhu sant ke tum rakhvare, asur nikandan Ram dulare.

Protector of saints, destroyer of evil, and beloved of Rama.

चौपाई 31

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता।

सरल अर्थ: माता जानकी ने उन्हें आठ सिद्धियाँ और नौ निधियाँ देने का वर दिया, ऐसा इस चौपाई का धार्मिक भाव है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Ashta siddhi nau nidhi ke data, as bar din Janaki mata.

Sita blessed him with the power to grant the eight siddhis and nine treasures.

चौपाई 32

राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा।

सरल अर्थ: उनके पास रामभक्ति रूपी रसायन है और वे सदा रघुपति के सेवक बने रहते हैं। रसायन यहाँ भक्ति का रूपक है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Ram rasayan tumhare pasa, sada raho Raghupati ke dasa.

He possesses the essence of devotion to Rama and remains Rama’s servant.

चौपाई 33

तुम्हरे भजन राम को पावै।
जनम जनम के दुख बिसरावै।

सरल अर्थ: हनुमान भक्ति के माध्यम से श्रीराम की प्राप्ति और जन्म-जन्म के दुखों से मुक्ति की आध्यात्मिक भावना है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Tumhare bhajan Ram ko pavai, janam janam ke dukh bisravai.

Devotion to Hanuman leads devotees toward Rama and freedom from sorrow.

चौपाई 34

अंत काल रघुबर पुर जाई।
जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई।

सरल अर्थ: जीवन के अंत में श्रीराम के धाम की प्राप्ति और आगे भी हरिभक्त बने रहने की आकांक्षा व्यक्त है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Ant kal Raghubar pur jai, jahan janma Hari bhakt kahai.

At life’s end, the devotee reaches Rama’s abode and remains devoted to Hari.

चौपाई 35

और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।

सरल अर्थ: कवि हनुमान सेवा में एकाग्र भक्ति का भाव रखते हैं। इसे अन्य उपासना परंपराओं के प्रति अनादर का निर्देश न समझें।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Aur devta chitt na dharai, Hanumat sei sarb sukh karai.

The hymn encourages single-minded devotion to Hanuman as a source of peace.

चौपाई 36

संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।

सरल अर्थ: बलवान हनुमान जी के स्मरण से संकट और पीड़ा मिटने का विश्वास व्यक्त किया गया है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Sankat katai mitai sab peera, jo sumirai Hanumat balbeera.

Remembering brave Hanuman is believed to dispel distress and pain.

चौपाई 37

जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।

सरल अर्थ: कवि हनुमान जी की जय कहते हुए उनसे गुरु के समान कृपा करने की विनती करते हैं।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Jai jai jai Hanuman Gosain, kripa karahu Gurudev ki nain.

Victory to Lord Hanuman; grant your grace like a revered teacher.

चौपाई 38

जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बंदि महा सुख होई।

सरल अर्थ: बार-बार पाठ से बंधन छूटने और सुख मिलने का भक्तिकाव्य का भाव है। पाठ की संख्या को सफलता की गारंटी न मानें।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Jo sat bar path kar koi, chhutahi bandi maha sukh hoi.

The hymn praises repeated recitation as a path toward liberation and joy.

चौपाई 39

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा।

सरल अर्थ: चालीसा के पाठ से आध्यात्मिक सिद्धि मिलने की भावना है और शिव को उसका साक्षी कहा गया है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Jo yah padhai Hanuman Chalisa, hoy siddhi sakhi Gaurisa.

The hymn says its recitation brings spiritual fulfillment, with Shiva as witness.

चौपाई 40

तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय महँ डेरा।

सरल अर्थ: तुलसीदास स्वयं को सदा हरि का सेवक कहते हैं और हनुमान जी से अपने हृदय में निवास की प्रार्थना करते हैं।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Tulsidas sada Hari chera, kijai Nath hriday mahan dera.

Tulsidas, forever Hari’s servant, asks Hanuman to dwell in his heart.

समापन दोहा

पवनतनय संकट हरन। मंगल मूरति रूप॥
राम लखन सीता सहित। हृदय बसहु सुर भूप॥

सरल अर्थ: पवनपुत्र, संकट हरने वाले मंगलमूर्ति हनुमान जी से राम, लक्ष्मण और सीता सहित हृदय में बसने की विनती है।

रोमन लिपि और अंग्रेज़ी अर्थ देखें

Pavantanay sankat haran, mangal murati roop; Ram Lakhan Sita sahit, hriday basahu sur bhoop.

O son of the wind, remover of troubles and embodiment of auspiciousness, dwell in my heart with Rama, Lakshmana and Sita.

हनुमान चालीसा से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हनुमान चालीसा में कितनी चौपाइयाँ और दोहे हैं?

इस पाठ में 40 चौपाइयाँ, दो आरंभिक दोहे और एक समापन दोहा हैं। पाठक में इन्हें कुल 43 पदों के रूप में रखा गया है।

क्या हनुमान चालीसा हिंदी में लिखी गई है?

मूल रचना अवधी में है और यहाँ देवनागरी में दी गई है। आधुनिक हिंदी के सरल भावार्थ पुराने शब्द समझने में मदद करते हैं।

नए पाठक कहाँ से शुरुआत करें?

पहले आरंभिक दोहे पढ़ें, फिर चौपाइयाँ क्रम से और अंत में समापन दोहा। शुरुआत में हर पद का अर्थ देखें और कठिन शब्दों पर ठहरें।

क्या रोमन लिपि अंग्रेज़ी अनुवाद है?

नहीं। रोमन लिपि मूल शब्दों को अंग्रेज़ी अक्षरों में लिखती है। वर्तमान पद का अर्थ हिंदी में है; नीचे हर पद के साथ पुराना अंग्रेज़ी अर्थ भी अलग विकल्प में उपलब्ध है।

क्या मोबाइल पर पूरा पाठ पढ़ सकते हैं?

हाँ। अक्षर बड़े किए जा सकते हैं और पूरा पाठ नीचे उपलब्ध है। बटन एक पद से दूसरे पद पर ले जाते हैं।

आवाज़ क्यों नहीं सुनाई दे रही है?

ब्राउज़र में आवाज़ से पढ़ने की सुविधा और उपकरण पर हिंदी आवाज़ उपलब्ध होना आवश्यक है। आवाज़ न मिले तो भाषा सेटिंग में हिंदी आवाज़ जोड़कर दोबारा प्रयास करें। सभी ब्राउज़र समान सुविधा नहीं देते।

क्या यह गायन वाला हनुमान चालीसा ऑडियो है?

नहीं। सुनने का बटन वर्तमान पद को कृत्रिम हिंदी आवाज़ में पढ़ता है। यह गायक, संगीत या पूर्ण चालीसा की रिकॉर्डिंग नहीं है।

क्या रोज़ या केवल मंगलवार को पाठ करना चाहिए?

यह आपकी श्रद्धा और परंपरा पर निर्भर है। कई लोग रोज़, मंगलवार या शनिवार को पढ़ते हैं। इस उपकरण में कोई दिन अनिवार्य नहीं है।

पाठ की गिनती कहाँ सहेजी जाती है?

इसी उपकरण के इसी ब्राउज़र में। लॉगिन आवश्यक नहीं है। डेटा मिटाने, ब्राउज़र बदलने या निजी मोड का उपयोग करने पर गिनती वापस नहीं मिल सकती। “शून्य करें” केवल पाठ काउंटर मिटाता है।

क्या पाठ करने से हर समस्या निश्चित रूप से दूर होगी?

ऐसी गारंटी नहीं दी जा सकती। पाठ भक्ति और सांत्वना का अभ्यास है। स्वास्थ्य, आर्थिक या अन्य कठिनाइयों में आवश्यक व्यावहारिक कदम और विशेषज्ञ सहायता का महत्व बना रहता है।

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